गुर्दा बेचना है: सच क्या है

गुर्दा बेचना भारत में अवैध और अपराध है। कानून क्या कहता है और सही रास्ता क्या है।

अंतिम बार अपडेट: 2026-09-24

अगर आप पैसों की मजबूरी में यह खोज रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं — लेकिन सीधा जवाब है: नहीं। गुर्दा बेचना भारत में बेचने वाले, खरीदने वाले, दलाल और इसमें शामिल किसी भी डॉक्टर के लिए अपराध है।

भारत में यह अवैध है

मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 के तहत अंगों का व्यापार अपराध है, जिसमें 10 साल तक की कैद और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है। गुर्दा "बेचने" का कोई कानूनी तरीका नहीं है।

सही रास्ता

किडनी केवल दान की जा सकती है, बेची नहीं जा सकती। किसी निकट संबंधी को स्वैच्छिक दान ही कानूनी है, और दाता को केवल दस्तावेजी खर्च की प्रतिपूर्ति मिलती है।

Frequently asked questions

क्या गुर्दा दान करने के पैसे मिलते हैं?

अंग के बदले कोई पैसा नहीं; केवल दाता के वास्तविक खर्च की प्रतिपूर्ति अस्पताल के माध्यम से होती है।

स्रोत

संबंधित लेख

Speak with our care team →