क्रोनिक किडनी रोग (CKD): एक प्रमाण-आधारित परिचय

क्रोनिक किडनी रोग क्या है, इसका निदान और चरण कैसे होते हैं, और इसका प्रबंधन कैसे होता है।

अंतिम बार अपडेट: 2026-09-24

क्रोनिक किडनी रोग (CKD) महीनों या वर्षों में गुर्दों की कार्यक्षमता का धीरे-धीरे और आमतौर पर स्थायी रूप से घटना है। गुर्दों में काफी आरक्षित क्षमता होती है, इसलिए यह अक्सर तब तक कोई लक्षण नहीं देता जब तक यह काफी बढ़ न जाए।

मुख्य कारण

  • मधुमेह — भारत में सबसे बड़ा कारण
  • उच्च रक्तचाप
  • ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस
  • बार-बार पथरी या संक्रमण

निदान और चरण

रक्त क्रिएटिनिन से eGFR और पेशाब में प्रोटीन की जांच से CKD की पुष्टि होती है। रोग को eGFR के अनुसार 1 से 5 चरणों में बांटा जाता है।

Frequently asked questions

क्या क्रोनिक किडनी रोग ठीक हो सकता है?

अधिकांश को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन नियंत्रण से इसकी प्रगति धीमी की जा सकती है।

किडनी फेलियर कब होता है?

जब क्षमता 15% से कम रह जाए (चरण 5), तब डायलिसिस या प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।

स्रोत

संबंधित लेख

Speak with our care team →